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दिवानी आती नहीं…

बचपन तो चाला गया
मगर नादानी जाती नहीं
जवानी तो आ गयी
मगर ओ दिवानी आती नहीं…

जीना भूल गए…

हम तो तेरा मुझे छोड़ कर जाने के बाद
ओ तो हमे बाद मे एहसास हुआ
तेरे होते हुए भी हम कौन से जिंदा थे…

तेरा मेरे साथ…

तेरा मेरे साथ वक़्त गुजरना
मैंने उसे मोहब्बत समझा
अब बाकी नहीं सब्र मुझमे
की तू वक़्त गुजारे और
मैं उसे मोहब्बत समझूँ…

हर रोज़…

हर रोज़…हर रोज़ ओ मेरे सपने में आती है
और हर रोज यही कहती है
तुमने आज मेरे बारे में कुछ लिखा क्यूँ नहीं
अब उससे मैं कैसे कहू की
मैंने अगर तुम्हारे बारे में कुछ लिखा
और तुम अगले दिन सपने में ना आयी तो…