Design a site like this with WordPress.com
Get started

Watch “Bikhre huy lamhe… |#bhaskars_poetry #iwritewhatyoufeel #poetrycommunity #withme #poetry” on YouTube

जो है मेरे और तुम्हारे बीच के
अब इन्हें समेट लेते हैं, आओ लौट आओ ना
फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं
ओ लम्हे जिन्हें हम साथ जिया करते थे
प्यार हो चाहे दुख का माहौल, हम साथ रहा करते थे
लौट आओ ना उन लम्हों में जिनमे हम साथ जिया करते थे,
ओ जो लम्हे बिखर गए हैं उन्हें अब हम समेट लेते हैं
लौट आओ ना पास हमारे, हम फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं…
ये जो जीवन की इक आश फिर से जगी है मेरे मन में
इस आश को जी लेते हैं, लौट आओ ना फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं…
ये जो बिखरे हुए लम्हें है उन्हें साजो लेते हैं
आओ लौट आओ ना फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं..#bhaskar95 #bhaskars_poetry #poetry #lovequotes

बिखरे हुए लम्हे…

जो है मेरे और तुम्हारे बीच के
अब इन्हें समेट लेते हैं, आओ लौट आओ ना
फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं
ओ लम्हे जिन्हें हम साथ जिया करते थे
प्यार हो चाहे दुख का माहौल, हम साथ रहा करते थे
लौट आओ ना उन लम्हों में जिनमे हम साथ जिया करते थे,
ओ जो लम्हे बिखर गए हैं उन्हें अब हम समेट लेते हैं
लौट आओ ना पास हमारे, हम फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं…
ये जो जीवन की इक आश फिर से जगी है मेरे मन में
इस आश को जी लेते हैं, लौट आओ ना फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं…
ये जो बिखरे हुए लम्हें है उन्हें साजो लेते हैं
आओ लौट आओ ना फिर से उन लम्हों को जी लेते हैं..

जीना भूल गए…

हम तो तेरा मुझे छोड़ कर जाने के बाद
ओ तो हमे बाद मे एहसास हुआ
तेरे होते हुए भी हम कौन से जिंदा थे…

तेरा मेरे साथ…

तेरा मेरे साथ वक़्त गुजरना
मैंने उसे मोहब्बत समझा
अब बाकी नहीं सब्र मुझमे
की तू वक़्त गुजारे और
मैं उसे मोहब्बत समझूँ…

हर रोज़…

हर रोज़…हर रोज़ ओ मेरे सपने में आती है
और हर रोज यही कहती है
तुमने आज मेरे बारे में कुछ लिखा क्यूँ नहीं
अब उससे मैं कैसे कहू की
मैंने अगर तुम्हारे बारे में कुछ लिखा
और तुम अगले दिन सपने में ना आयी तो…

हम मिले भी…

मोड़ पर जहा हम तुमसे ये झूठ भी नहीं बोल सकते
की तुम्हारी याद अब भी मुझको आती है… #bhaskar95 #bhaskars_poetry #poetry
हम अब भी वही तो है
तुम्हारे जाने के बाद
बदलाव हममे आयेगा भी तो कैसे
हममे बदलाव लाने वाले भी तो आप ही तो थे…

उनका ग़ुस्सा…

जब उसने हमे गुस्से से देखा
मैं तो सोच में पड़ गया
हमे तो प्यार उनके मुस्कुराहट से हुई थी
पर उनका ग़ुस्सा भी क्या सितम करता हैं जनाब
की अब हमे उनके गुस्से से भी प्यार हो गया…