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दुश्मनी क्या होती है

दुश्मनी क्या होती है
ये हम मर्दों से पूछो जनाब
तुमको लगता है कि हमे
गुस्सा नहीं आता
जब तुम गैरों से बाते करते हो
हमे तो उन हवाओं से भी
दुश्मनी है जो तुम्हें
छू कर गुजरती है

Ha mana…

हाँ माना
हो गया हूं खुदगर्ज मैं
तो क्या तुम ना थे
जब जा रहे थे छोडकर मुझको तुम
जिसने तुम्हें रोका
क्या वो हम ना थे
पर तुम तो माने नि
मैंने दिए थे वास्ते तुम्हें
उन कसमों, उन वादों के
जो तुमने मुझसे किए थे
उन सबको दरकिनार कर जाने वाले
वो हम ना थे,
हाँ माना, हो गए हैं
खुदगर्ज हम तो क्या
तुम ना थे

Dil leke

दिल लेके मेरा
हाथो मे, क्या लोगे उसका दाम
तो हमने भी कह दिया
इक बार जो तुम मुस्कुरा दो
मुझे देख कर भरे महफिल में
फिर ले जाओ सरे आम

पर क्यू

तुम जा रहे हो, पर क्यूँ
मैंने तो कोई वैसी बात, भी नहीं कही
अच्छा तो तुमको बुरा लगा
मेरा तुम्हारी दोस्त से बात करना
पर मैंने तो ऐसी कोई बात ना कहीं
बुरा लगा तो माफी मांगता हूँ मैं
कि साथ तेरे चल सकू
बस यही मांगता हूँ मैं

Hm dono ki

आज मुलाकात हुई उनसे
उनकों देखा तो देखता
ही रह गया मैं
उनके आखों का काजल
उनके कानो के झूमके
उनके खुले बाल
मानो कुछ कह रहे हो मुझसे
की उनको भी किसी का
इन्तेजार था
मानो जैसे कोई मुराद पूरी
हुई हो
हम दोनों की…